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श्री रविशंकर बोले, अलौकिक आनंद की प्राप्ति होती है पावन धाम चामुंडा में , ध्यान के अलावा दूसरों की सेवा करना जरूरी

विश्व स्तरीय अध्यात्मिक नेता तथा मानवतावादी धर्मगुरु एवं आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर जी ने आज पूजा-अर्चना के लिए श्री चामुंडा नंदीकेश्वर मंदिर पधारे। और इस दौरान संस्कृत विद्यालय के अध्यापकों एवं छात्रों ने वेद मंत्रों के उच्चारण से उनका स्वागत किया। और पुजारी ओम व्यास जी द्वारा मां की विधिवत पूजा-अर्चना करवाने के पश्चात उन्हें चुनरी भेंट की गई। और उल्लेखनीय है कि मानवता एवं जीवन मूल्यों के प्रचार प्रसार के उद्देश्य को लेकर आर्ट ऑफ लिविंग  संस्था से जुड़े देश विदेशों में इनके करोड़ों की सख्या में अनुयायी हैं।

बता दे की विदेशों में भी इन्हें कई सर्वश्रेष्ठ सम्मान प्राप्त हुए हैं। और वे इस बात पर जोर देते हैं कि ध्यान के अलावा भी दूसरे लोगों की सेवा भी इनसान को करनी चाहिए।श्री रविशंकर जी ने और बताया कि वह दूसरी बार इस पावन धाम चामुंडा में आए हैं और यहां आ करके उन्हें बहुत ही अलौकिक आनंद की प्राप्ति होती है। और प्रशासन के द्वारा की गई व्यवस्थाओं की उन्होंने विशेष सराहना की।

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