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हिमाचल प्रदेश की 10 सबसे खूबसूरत झीलें

हिमाचल प्रदेश पहाड़ों से घिरे शहरों तथा कस्बों के लिए तो काफी मशहूर है , परन्तु  कुछ गिने चुने मुसाफिर तथा ट्रेकर्स को ही पता है कि यहाँ कुछ चमकीली झीलें और उनसे घिरी शानदार जगहें भी हैं। ओर ये जगहें आज भी आम यात्रियों की नज़रों और ट्रैवल प्लान

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से छुपी हुई है । इनमें कुछ झीलें तो अध्यात्मिक महत्व भी रखती हैं और पुराणों में भी इनका नाम है।

तो आइये आज हिमाचल की इन सुरमई झीलों के बारे में जानते है।

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#1. नाको झील, किन्नौर जिला

यह नाको गाँव में किसी नगीने की तरह झिपी है नाको झील, जो की इस गाँव के पीछे की तरफ पड़ती है। जो हरे भरे पेड़ों से घिरी ये झील शाम बिताने के लिए एकदम उचित है। यहां एक छोटी सी ऊँची चढ़ाई की मेहनत और आपको नाको गाँव और झील का शानदार नज़ारा दिखाती है, यह हिमाचल प्रदेश की सबसे खूबसूरत झीलों में से एक मानी जाती है।

नाको झील

#2. चंद्रताल, लाहौल और स्पीति जिला

बीते कुछ वर्षो में ये झील ट्रेकर्स की पसंदीदा जगह के रूप में उभर कर सामने आई है। यहां या तो बट्टल के रास्ते से या कुंजुम दर्रे से होते हुए यहाँ पहुँचते हैं। और पूरे हिमाचल में सबसे शानदार ये झील ऊँचे समुद्र टापू पठार के बीचों-बीच छिपी है यहाँ रात को तारो से भरे आसमान तले स्टारगेज़िंग के लिए एकअति सुंदर जगह है।

चंद्रताल

#3. रेवालसर झील, मंडी जिला

इस झील को त्सो पेमा लोटस झील के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि गुरु पद्मसंभव की आत्मा रेवाल्सर झील तथा इसके पास बसे छोटे से द्वीप में बसती है। रिवालसर ही वो जगह है जहाँ से गुरु पद्मसंभव ने तिब्बत का रुख किया था और वहाँ महायान बौद्ध धर्म का प्रसार किया था।

रेवाल्सर झील

#4. धनकर झील, लाहौल और स्पीति जिला

धनकर झील यह ऊँची पहाड़ियो के टॉप पर मौजूद है। और इसी पहाड़ी से 20 मिनट के ट्रेक के बाद ही यात्रियों को धनकर झील की झलक मिलती है। यह झील 13000 फीट से अधिक की ऊँचाई पर, ये झील बर्फीली बंजर चट्टानों से घिरी हुई है यहाँ से स्पीति और पिन नदी के जादुई संगम का नज़ारा पेश करती है। बता दे की धनकर झील हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊँची झीलों में से एक भी है।

धनकर झील

#5. करेरी झील, कांगड़ा जिला

करेरी झील को ट्रेकिंग स्पॉट के रूप में भी जाना जाता है और करेरी गाँव धौलाधर पर्वतमाला पर ट्रेक करने वालों के लिए बेस कैंप की तरह काम करता है। यह झील सर्दियों के दौरान जमी रहती है और यहाँ धर्मशाला के पास मौजूद घेरा गाँव से होते हुए पहुँचा जा सकता है।

करेरी झील

#6. पराशर झील, मंडी जिला

जिला मंडी से 50 कि.मी. की चढ़ान पर, यह एक पक्की सड़क यात्रियों को बग्गी गाँव  से होते हुए पराशर झील तक ले जाती है। यहा यात्री झील तक ट्रेक कर कामरू घाटी में कैंपिंग भी करते हैं। बता दे की ट्रेकिंग की शुरूआत कर रहे लोगों के लिए भी एक बढ़िया स्थान है। हिमाचल प्रदेश की इस छिपी हुई झील की पहली झलक किसी जादू से कम नहीं है।

पराशर झील

#7. ब्रिघू झील, कुल्लू जिला

कुल्लू जिले की यह एक प्रसिद्ध झील रोमांच पसंंद और प्रकृति प्रेमियों, के लिए ही एक बढ़िया जगह है। यह रोहतांग दर्रे के पूर्व में, यह झील समुद्र तल से 4285 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यहां तीखे मोड़, चढ़ान और ढलान  इसे एक मुश्किल बनाते हैं लेकिन रास्ते में देवदार, स्प्रूस और ओक के पेड़ इसे हिमाचल के सबसे अच्छे ट्रेक मार्गों की याद दिलाते हैं।

ब्रिघू झील

#8. सूर्या ताल, लाहौल और स्पीति जिला

सूर्या ताल, यह भगा नदी का स्रोत है, जिसमें बारलाचा-ला पास के ग्लेशियर्स से भी पानी आता है। बता दे की ट्रेकिंग पसंंद लोगों के लिए ये एक आम और पसंदीदा ट्रेक है और लोग अक्सर मोटरसाइकिल, बाइक या पैदल ही, केलोंग से होते हुए, झील तक पहुँचते हैं।

सूर्या ताल

#9. मणिमहेश झील, चंबा जिला

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव ने देवी पार्वती से मिलने के बाद मणिमहेश का निर्माण किया। और ये झील पूरे देश के तीर्थयात्रियों के लिए एक पवित्र स्थान है यहां  हर साल अगस्त- सितंबर के महीने में सैकड़ों श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा कर इस झील पर पहुँचते हैं।

मणिमहेश झील

#10. रेणुका झील, सिरमौर जिला

हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी झील, रेणुका झील का नाम देवी रेणुका के नाम पर रखा गया है। यह रेणुका झील कम ऊँचाई वाली झीलों में से एक है, जो अक्सर उन पर्यटकों का स्वागत करती है जो वीकेंड पर आसपास पहाड़ी इलाकों की तलाश में निकलते हैं।

रेणुका झील

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