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हमीरपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

हिमाचल प्रदेश का एक छोटा सा जिला हमीरपुर। यहाँ जो भी आता है,यहीं का होकर रह जाता है। हमीरपुर एक बहुत ही सूंदर पहाड़ी जिला है।हमीरपुर के पर्यटन स्थलों में घूमने के लिए आप बस या अपने वाहन का भी प्रयोग कर सकते हैं।हमीरपुर के ज्यादातर दार्शनिक स्थल सड़क के किनारे ही हैं। हमीरपुर में घूमने के लिए बहुत से धार्मिक और दार्शनिक स्थल हैं। हमीरपुर सर्दियों के साथ-साथ गर्मियों में भी आपको अपने सौन्दर्य से मोहित कर सकते है।अगर कभी हमीरपुर आओ तो इन जगहों को देखना मत भूलना। ये जगहें आपको और आपके चाहने वालों के दिल को खुश कर सकती हैं।

1.हमीरपुर बाजार :- हमीरपुर बाजार घूमने के लिए बहुत अच्छी जगह है। इस जगह को आप हमीरपुर का दिल भी कह सकते हैं क्योंकि यहाँ आपको हर सुविधा मिलेगी। इसी जगह पर आपको शिक्षण संस्थान,अस्पताल,होटल,दफ्तर, बस सेवा,पुलिस सेवा और बाजार की हर तरह की सुविधा मिल जाएगी। इसके अलावा यहाँ चिल्ड्रन पार्क बहुत बढ़िया जगह है घूमने के लिए। जहाँ आप और आपका परिवार खूब आनंद ले सकते हैं।

2. सुजानपुर टिहरा:- हमीरपुर घूमने की शुरुआत आप सुजानपुर तिहरा से सकते हैं। किसी समय कटोच वंश की राजधानी रही यह जगह अपने प्राचीन किलों,मंदिरों और हिन्दू उत्सवों के लिए जाना जाता है। भारतीय इतिहास में पन्ने यहाँ के भी हैं। पर्यटन के देखा जाये तो सुजानपुर टिहरा काफी उन्नत माना जाता है।सुजानपुर टिहरा के प्राचीन किले बहुत आकर्षित करते हैं। यहाँ पर आपको प्राचीन राजा महाराजाओं के किले देखने को मिल जायेंगे।

जिन लोगों को फोटोग्राफी का शौक है उन्हें यह जगह बहुत ही रोमांचित कर सकती है। इसके अलावा यहाँ की होली पुरे एशिया की सुप्रसिद्ध होली मानी जाती है। मंदिरों की बात करें तो बाबा बालकरूपी जी का मंदिर एकप्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। माना जाता है कि यहाँ जो भी श्रद्धालु यहाँ मन्नत मांगने आते हैं उनकी सारी मनोकामना पूरी होती है।इसके अलावा सैनिक स्कूल, सुजानपुर बाजार, चौगान मैदान भी देखने लायक जगहें हैं।

3. नादौन:-हिमाचल के इतिहास के बारे में गहराई से जानना हो तो आपको नादौन की सैर का रुख करना चाहिए। यह एक प्राचीन नगर है जो व्यास नदी के तट पर बसा हुआ है। यह वो ऐतिहासिक नगर है जिसे कटोच शाशकों ने मुग़ल सम्राट जहांगीर से अपना किला खो देने के बाद दोबारा बसाया था। ऐतिहासिक होने के साथ-साथ प्राकृतिक स्थल नादौन अपने सैलानियों को हर सुविधा देने की कोशिश करता है। आप यहाँ आकर विभिन प्रकार के मनोरंजक कार्यक्रमों में भी अपना हुनर आजमा सकते हैं। नादौन आकर आप राफ्टिंग,फिशिंग, कम्पैनिंग और ट्रैकिंग जैसे रोमांचक एडवेंचर का मजा ले सकते हैं। पुराना किला और शिव मंदिर यहाँ के मुख्य आकर्षण के स्थल हैं।

4. टौणी देवी:-चौहान वंश की कुलदेवी माता टौणी देवी का भव्य मंदिर सैलानियों को अपनी और आकर्षित करता है। यह एक छोटा सा क़स्बा है जहाँ लो बड़े ही प्रेम भाव से रहते हैं। कहा जाता है कि इस धार्मिक स्थल पर पंजाब,हरयाणा,राजस्थान,उत्तर प्रदेश,जम्मू कश्मीर एवं अन्य राज्यों के चौहान वंश के वंशज यहाँ अपनी कुलदेवी के दर्शन के लिए आते हैं। माता टौणी देवी को सुनाई नहीं देता था इसलिए मंदिर में रखे पत्थरों को आपस में टकराने से मन्नत पूरी हो जाती है। इसके अलावा थोड़ी दूर ही भीम द्वारा लाये गए बाट भी देखने लायक स्थान है।

कहा जाता है कि पाण्डु पुत्र भीम द्वारा बाट ले जाये जा रहे थे किसी की आहाट सुन कर उन्होंने वे बहिन फेंक दिए। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहाँ पर आने से कई प्रकार के चर्मरोग दूर हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त थोड़ी दूर अवाहदेवी की तरफ जाने बाले रास्ते में प्रसिद्ध कोल्हू सिद्ध बाबा का मंदिर पड़ता है। कहा जाता है कि यहाँ पर पानी का स्रोत है जो कभी भी ख़त्म नहीं होता।

5.गसोता महादेव:-गसोता महादेव जैसा की नाम से ही पता चलता है यह महादेव की पृस्ठभूमि है यहाँ भगवन शिव के 108 शिवलिंग हैं। यहाँ भव्य मंदिर है। यहाँ एक स्विमिंग पूल भी है जिसमे स्तानीय लोग नहाते हैं और तैरना सीखते हैं। यहाँ पर ज्येष्ठ मास में मेले का आयोजन भी होता है। जिसमे दूर-दूर से लोग देखने आते हैं।

6.अवाहदेवी:- माता अवाहदेवी के नाम से प्रसिद्ध माता का मंदिर है। यह एक बहुत ही भव्य मंदिर है। यहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। मंदिर का परिसर ऊंचाई पर स्थित है जहाँ से आप पुरे हमीरपुर को पुरे मंडी जिले को देख सकते हो। आप यहाँ पर फोटोग्राफी भी कर सकते हैं। यह जगह फोटोग्राफी के लिए उचित स्थान है।

7.दियोट सिद्ध:- बाबा दियोट सिद्ध धाम हमीरपुर जिले के बिझड़ नामक कसबे में है। यहाँ बाबा बालक नाथ जी का विशाल भवन है। यहाँ पर बहुत दूर-दूर से सैलानी आते हैं। यहाँ बाबा बालक नाथ जी की पवित्र गुफा के दर्शनों के लिए लोग बहुत दूर-दूर से चलकर तथा अपनी गाड़ियों में आते हैं। शाहतलाई दूसरा प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है जहाँ पर बाबा बालक नाथ जी ने 12 साल की लस्सी और रोटियां पेड़ के अंदर छुपा रखी थी। इस धार्मिक स्थल की बहुत मान्यता है। कहा जाता है दियोटसिद्ध जाने के बाद यहाँ जाना जरुरी होता है तभी यात्रा पूर्ण मणि जाती है।

8.लंबलू :-शनि देव मंदिर लंबलू से प्रसिद्ध यह मंदिर हमीरपुर से बस्सी की तरफ जाते हुए रास्ते में आता है। यह एक विशाल भगवन शनि देव जी का मंदिर है। लोग यहाँ मानत मांगने आते हैं और खुश होकर जाते हैं। यहाँ हर शनिबार को लंगर लगता है जिसमे सरसों के तेल का हलवा प्रशाद के रूप में दिया जाता है। यह स्थान भी आपकी फोटोग्राफी के लिए सही साबित हो सकता है।

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