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हिमालयन क्वीन की राह को किसान आंदोलन ने रोका

कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक पर लगभग 7 महीने बाद टॉय ट्रेन का संचालन शुरू करने की तैयारियों पर फिलहाल अभी विराम लग गया है। बता दे की हरियाणा और पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन के चलते अब हिमालयन क्वीन का संचालन शुरू करने पर संशय पैदा हो गया है। बता दे की  रेलवे ने 15 अक्तूबर से आज कालका शताब्दी चलाने का फैसला लिया था, परन्तु  हरियाणा के धूलकोट और पंजाब के लालड़ू गगर में किसान आंदोलन के चलते किसानों के पटरियों पर बैठ जाने के कारण अब कालका शताब्दी का संचालन काफी मुश्किल हो गया है।

रेलवे के अंबाला मंडल ने कालका शताब्दी के शुरू होने के बाद यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रख कर कालका से शिमला के लिए हिमालयन क्वीन को बतौर कनेक्टिंग ट्रेन शुरू करने की तैयारी की थी, परन्तु  अब जबकि कालका शताब्दी के चलने पर ही संशय है तो हिमालयन क्वीन का संचालन अभी फिलहाल टल गया है।

हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर खुलने के बाद  काफी भारी संख्या में सैलानी शिमला का रुख कर रहे हैं। और ऐसे में सैलानियों की सुविधा के लिए उत्तर रेलवे कालका शिमला सेक्शन पर हिमालयन क्वीन का संचालन शुरू करने की पूरी तैयारी कर रहा था। और शताब्दी ट्रेन के दिल्ली से कालका पहुंचने के बाद शिमला आने वाले सैलानियों की सुविधा के लिए दोपहर 12 :10 बजे हिमालयन क्वीन के संचालन की योजना थी।

जानकारी के अनुसार रेल मंडल कार्यालय अंबाला का कहना है कि फिलहाल किसान आंदोलन के चलते कालका शताब्दी के संचालन पर संशय बना हुआ है। और किसान यदि पटरियों से उठ जाते हैं और शताब्दी का संचालन शुरू हो जाता है, तो उसके बाद कालका से शिमला के लिए हिमालयन क्वीन का संचालन शुरू करने की रेल मुख्यालय से अनुमति मांगी जाएगी।

न्यूज़ सोर्स : https://www.amarujala.com/himachal-pradesh

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